48 कार्डधारकों ने खोली राशन वितरण की पोल
जांच में 103 कुंतल से ज्यादा अनाज का हिसाब नहीं मिला; कोटेदार पर FIR
सिद्धार्थनगर में राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत के बाद नगर पालिका परिषद बांसी के वार्ड नंबर-09, श्यामनगर स्थित उचित दर विक्रेता रियाजुद्दीन के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में दुकान के रिकॉर्ड और मौके पर मिले स्टॉक में बड़ा अंतर सामने आया। विक्रेता के पास 103.36 कुंतल अनाज और 54 किलो चीनी का हिसाब नहीं मिला।

71 कार्डधारकों के बयान लिए, 48 ने की शिकायत
रियाजुद्दीन की दुकान से 71 अंत्योदय और 222 पात्र गृहस्थी कार्डधारक जुड़े हैं। राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद विभागीय टीम ने 71 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए। इनमें 48 कार्डधारकों ने राशन वितरण में धांधली की शिकायत की।
कई कार्डधारकों ने आरोप लगाया कि ई-पॉस मशीन पर उनका अंगूठा लगवाया गया, लेकिन राशन नहीं दिया गया। कुछ लोगों ने पिछले महीनों का राशन नहीं मिलने और दुकान के चक्कर लगाने की बात भी कही। हालांकि, जांच के दौरान कुछ कार्डधारकों ने राशन मिलने की बात भी बताई।
रिकॉर्ड में 35.82 कुंतल गेहूं और 83.04 कुंतल चावल होना था
विभागीय टीम ने 12 अगस्त को दुकान और गोदाम का भौतिक सत्यापन किया। जांच के समय विक्रेता मौके पर मौजूद था। दुकान पर केवल 31 एसबीटी बोरी चावल, करीब 15.50 कुंतल, मिला। वहीं गेहूं और चीनी का स्टॉक शून्य पाया गया।
रिकॉर्ड के अनुसार दुकान पर 35.82 कुंतल गेहूं और 83.04 कुंतल चावल उपलब्ध होना चाहिए था। जांच में 35.82 कुंतल गेहूं, 67.54 कुंतल चावल और 54 किलो चीनी का अंतर सामने आया। यानी कुल 103.36 कुंतल अनाज और 54 किलो चीनी का हिसाब नहीं मिला।
जुलाई-अगस्त के स्टॉक का भी रिकॉर्ड में जिक्र
जांच रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में विशेष गेहूं 7.96 कुंतल, चावल 12.15 कुंतल और चीनी 54 किलो दर्ज थी। अगस्त के लिए 27.86 कुंतल गेहूं और 41.39 कुंतल चावल प्राप्त हुआ था। इसके अलावा सितंबर में वितरण के लिए भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से 29.50 कुंतल चावल भी प्राप्त कराया गया था।
इन सभी स्टॉक को रिकॉर्ड में जोड़ने के बाद दुकान पर 35.82 कुंतल गेहूं और 83.04 कुंतल चावल होना चाहिए था। लेकिन भौतिक सत्यापन में करीब 15.50 कुंतल चावल ही मिला। गेहूं और चीनी का कोई स्टॉक नहीं मिला।
डीएम के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने 13 अगस्त को कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेश के अनुपालन में पूर्ति निरीक्षक हरिश्चंद्र दूबे ने बांसी थाने में तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने 14 अगस्त की शाम रियाजुद्दीन के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
मामले की विवेचना विनय कुमार पासवान को सौंपी गई है। पुलिस अब ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड, खाद्यान्न के आवंटन और उठान से जुड़े दस्तावेज, स्टॉक सत्यापन रिपोर्ट और कार्डधारकों के बयानों की जांच करेगी। विक्रेता का बयान भी दर्ज किया जाएगा।






